विश्वभारती के शताब्दी कार्यक्रम में मोदी का संबोधन

PM Modi at Visva Bharati University Centenary Celebration Full speech details

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले एक तरफ जहां बीजेपी ने अपनी कमर कस ली हैं तो वही बढ़े से बड़ा नेता बंगाल फतह करने के Formulae पर चल रही हैं। आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Video Conferencing के जरिए ही Visvabharti University के शताब्दी कार्यक्रम में हिस्सा लिया हैं।

संबोधन के दौरान मोदी ने कहा कि, मेरे लिए यह गर्व की बात हैं कि, मैं इस समारोह में शामिल हूं। यह 100 साल की यात्रा बेहद खास है। आगे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह कहा हैं कि, विश्वभारती मां भारती के लिए गुरुदेव के चिंतन-दर्शन और परिश्रम का साकार अवतार है। भारत के लिए गुरुदेव टैगोर ने जो सपना देखा था, उसे मूर्त रूप देने के लिए देश को ऊर्जा देने वाला संस्थान है। हमारा देश विश्वभारती से निकले संदेश को दुनिया में पहुंचा रहा है।

कोरोना काल के चलते इस बार कार्यक्रम को Virtually आयोजित किया गया हैं, और सिर्फ यूनिवर्सिटी के स्टाफ, टीचर और अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। बता दें कि, इससे पहले पीएम मोदी ने बंगाल के दुर्गा पूजा में हिस्सा लिया था। मोदी के साथ इस कार्यक्रम में राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी शामिल हुए हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, रामकृष्ण परमहंस के कारण देश को स्वामी विवेकानंद मिले, स्वामी जी भक्ति-ज्ञान और कर्म को अपने में समाए हुए थे। भक्ति आंदोलन के बाद कर्म आंदोलन आगे बढ़ा, जिसमें कई योद्धाओं ने विदेशी आक्रांताओं को रोका जो बाद में आजादी का आंदोलन बना।

पीएम मोदी बोले कि, अंत में ज्ञान का संगम होने से आजादी का आंदोलन तेज हुआ। वैचारिक आंदोलन भी खड़ा किया गया और भविष्य के बारे में सोचा गया। संतो के बारे में मोदी ने बात करते हुए बोला कि, दक्षिण में रामानुजाचार्य समेत कई संत हुए, पश्चिम में मीराबाई समेत अन्य संत आए, उत्तर में कबीर दास, सूरदास समेत अन्य लोग आए और जबकि पूर्व में चैतन्य महाप्रभु भी आए।

गुरूदेव रविंद्र नाथ टैगोर को याद करते हुए मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा है,  गुरुदेव कहते थे कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अकेला चलना हो, तो चल पड़िए. जब आजादी का आंदोलन चरम पर था, तब बंगाल उसे दिशा दे रहा था. लेकिन साथ ही बंगाल ने संस्कृति के क्षेत्र में भी काम किया।

मोदी ने कोरोना काल को लेकर कहा हैं कि, कोरोना काल के कारण इस बार विश्वभारती के मेले का आयोजन नहीं हुआ। विश्वभारती के छात्र-छात्राएं पॉश मेले में आने वाले लोगों से संपर्क करें, कोशिश करें कि, उनकी कलाकृतियां कैसे ऑनलाइन तरीके से बेची जा सकती हैं और उनकी मदद करें।

बतातें चले कि, 2021 में विधान सभा चुनाव से पहले ही राज्य में राजनैतिक हलचल और भी ज्यादा तेज़ हो गई हैं। गौर करने वाली बात हैं कि, विश्वविद्यालय के इस कार्यक्रम में ममता दीदी को भी न्यौता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया है।

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